पर सबने हताशा चुनी
तुमने लिखा एक अच्छी लड़की के बारे में
जीवन, छाता, हाथी, साइकिल
और.... सोनसी को भी
चुन सकते थे लोग
तुम्हारी अच्छी कल्पनाओं को
दीवार की खिड़की के उस पार वाले
सुंदर, चमकीले, जादुई संसार को
पानी में तैरती रंगोली, पत्नी के प्रेम और
माँ के स्नेह को
चुन सकते थे लोग उम्मीद, हर्ष
और उत्सव को...
पर सबने हताशा चुनी...
तुमने प्रेम की कविताएं भी लिखी थीं
पर सबने हताशा चुनी!
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