क्या करूँगी वहाँ जाकर अब
वहाँ कोई नहीं होगा
पहले काकी
फिर काका
एक के बाद एक
शुरू के दिनों की उदारता नहीं होगी
शेष दिनों की बेचारगी नहीं होगी
जीवन का एक अध्याय समाप्त हुआ!
एक किवाड़ हमेशा के लिए बंद हो गया.
अब चंद्रपुर जाने पर एक घर कम होगा.
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