Saturday, August 22, 2026

मुलाक़ात

​वो हमारी आखरी मुलाक़ात थी। मुझे हर बार यही लगता रहा पर क़िस्मत ने मुझे हर बार झूठा ठहराया। 

हम फिर मिले। मुझे लगा तुम इस बार तो मुझे पहचान लोगे पर तुमने मुझे कभी नहीं पहचाना। मैं भीड़ थी तुम्हारे लिए। हज़ारों फैंस में से एक। हर बार इसी एहसास के साथ लौटना अजीब था। इसलिए मैं तुमसे कभी मिलना ही नहीं चाहती थी। पर किस्मत… 

Friday, August 14, 2026

Trademill

जीवन कभी कभी 

ट्रेडमिल की तरह लग सकता है.. 


कि पूरी शिद्दत से चल रहे हैं, 

समय बढ़ा रहे हैं, 

स्पीड बढ़ा रहे हैं, 

कभी कभी तो भाग भी रहे हैं …….


पर कहीं पहुँच नहीं रहे…..


जो बदल रहा है 

आपको अभी दिखाई नहीं देगा.


जब दिखायी देगा 

तब यह तपस्या विफल नहीं लगेगी। 


समय लगेगा, बस धैर्य से चलते रहिए!!