मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ,
पत्रकार या फ़ैन की तरह नहीं,
एक अच्छे दोस्त की तरह।
खाने की मेज़ पर खिखिलाते हुए पुराने दिनों का कोई किस्सा सुनाते हुए…
क्या मैं तुमसे कभी मिल पाऊँगी?
क्या मैं तुम्हारी दोस्त हो पाऊँगी?
इस पूरे जीवन में कभी एक बार
केवल एक बार?
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