Monday, March 9, 2026

Bahot Saari Mehnat

​बहुत सारी मेहनत से कुछ नहीं होता! 

चाहिए होता है, बहुत सारा त्याग! 

बहुत सारा साथ और 

बहुत सारा विश्वास! 

आपके हाथ में होती है, बस आपकी मेहनत! 

पर दूसरे का साथ आपके वश में नहीं!

किसी का विश्वास आपके बस का कहाँ?

इसलिए बहुत सारी मेहनत से कुछ नहीं होता!


चाहिए होता है,

बहुत सारा साथ, 

बहुत सारा विश्वास, 

बहुत सारा त्याग !



Wednesday, March 4, 2026

Kavita

​कविताएँ वाहियात लगने लगी हैं 

जैसे झूठी कहानियाँ हो 

झूठे दिलासे हो 

बेवक़ूफ़ों की भाषा हो 

झूठे अरमान, झूठी आशा हो!


कविताएँ वाहियात लगने लगी हैं!


Friday, January 2, 2026

माँ कभी नहीं आ पायीं मेरे घर

मैंने सारा बचपन उनके घर में बिता दिया 
आज भी जाती हूँ हर साल 
पर 
माँ कभी नहीं आ पायीं मेरे घर।